भारत में इंजीनियरिंग एक काफी आम डिग्री बन चुकी है. हर घर में एक इंजीनियर आपको दिखाई देगा, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जब भारत में बहुत सारी कंपनियां शुरु हुई तब इंजीनियर्स की काफी बड़ी मात्रा में ज़रूरत बन गई. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए कई सारे इंजीनियरिंग की कॉलेज शुरु हुए और आज हम देख सकते हैं कि कम से कम एक आदमी हर घर में इंजीनियर हो चुका हे या फिर पड़ रहा है. अब इसका नतीजा धीरे-धीरे नजर आने लगा हे, हर तरफ इंजीनियर्स ही इंजीनियर्स दिखाई दे रहे है. अनएंप्लॉयमेंट बहुत ज्यादा बढ़ गई है. एक दिन ऐसा आएगा कि इंजीनियर्स को जॉब मिला बहुत ही मुश्किल हो जाएगा और तब यह सारी इंजीनियरिंग की कॉलेजेस बंद हो जायेंगे.
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